Manmohana

Radha Swarupa

Manmohana

मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरों न कोई|
जाके सिर मोर मुकट मेरो पति सोई||
तात मात भ्रात बंधु आपनो न कोई|
छाड़ि दई कुलकि कानि कहा करिहै कोई||

जिन नैनों में कृष्ण बसे, उन्हें और क्या प्यास|
अब बाकी कुछ रहा नहीं, बस दर्शन की है आस||

अब तो आ जाओ मनमोहन||

2 Comments

  1. rachit malviya
  2. sahil

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